“संसद में विपक्ष ने अडाणी विवाद और संभल हिंसा पर चर्चा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सपा और TMC ने दूरी बनाई। रिजिजू बोले- बहुमत से बिना चर्चा बिल पास कर सकते हैं।”
नई दिल्ली। नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन अडाणी मामले और उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा पर चर्चा की मांग को लेकर किया गया। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए, लेकिन सपा और TMC ने खुद को इससे अलग रखा।
सपा को संभल हिंसा पर बोलने की अनुमति
TMC नेता कल्याण बनर्जी ने बताया कि समाजवादी पार्टी को मंगलवार को संभल हिंसा पर बोलने का मौका दिया जाएगा। वहीं, TMC बांग्लादेश से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करेगी।
सरकार का जवाब: बहुमत से पास होंगे बिल
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा, “संसद चलाना जरूरी है। हम बहुमत के आधार पर बिना चर्चा के भी बिल पास कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करना उचित नहीं है। विपक्ष का यह रवैया देशहित में नहीं है।”
13 और 14 दिसंबर को संविधान पर चर्चा
रिजिजू ने आगे कहा कि 13 और 14 दिसंबर को लोकसभा में, और 16-17 दिसंबर को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा होगी।
स्पीकर की बैठक के बाद भी हंगामा
सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच बैठक हुई थी। बैठक में संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बनी थी। हालांकि, मंगलवार को संसद शुरू होते ही फिर से हंगामा शुरू हो गया।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल