नोएडा। वेस्ट यूपी के कुख्यात गैंगस्टर सुंदर भाटी की जेल से रिहाई के बाद एक बार फिर इलाके में भय का माहौल बन गया है। पीड़ित परिवारों और गवाहों ने गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पत्र में पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया है कि सुंदर भाटी और उसके साथी अनिल भाटी के जेल से बाहर आने के बाद उनकी जान को गंभीर खतरा है। खासतौर पर 2017 में हुए शिवकुमार तिहरे हत्याकांड से जुड़े गवाहों और पीड़ित परिवारों पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
शिवकुमार तिहरे हत्याकांड: बड़ा खुलासा
2017 में हुए इस हत्याकांड का खुलासा ग्रेटर नोएडा वेस्ट पुलिस ने किया था। इस केस में कई कुख्यात शूटरों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन अब आरोप है कि इस मामले के कई शूटर जेल से बाहर आ चुके हैं और पीड़ित परिवारों पर दबाव बना रहे हैं।
बीजेपी नेता शिवकुमार के तिहरे हत्याकांड के गवाह और पैरोंकार ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर प्रशासन से मदद की अपील की है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड में गवाही देने के चलते उनकी जान पर खतरा बना हुआ है।
‘कैश में गवाही’ का आरोप
पीड़ित परिवारों ने दावा किया है कि हत्याकांड में अब गवाही “कैश” के दम पर प्रभावित हो रही है, जिससे न्याय मिलने में बाधा आ रही है।
पीड़ित परिवारों की मांग
- पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- जेल से बाहर आए गैंग के गुर्गों पर सख्त कार्रवाई हो।
- पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासन द्वारा विशेष निगरानी रखी जाए।
भय का माहौल
सुंदर भाटी की रिहाई के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में जल्द हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और उन्हें सुरक्षा का अहसास हो।
“सुंदर भाटी और उसके गैंग की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कठोर कदम जरूरी हैं,” एक पीड़ित परिवार के सदस्य ने कहा।