“RSS प्रमुख मोहन भागवत ने घटती जनसंख्या दर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाज के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने जनसंख्या नीति को 2.1 प्रजनन दर बनाए रखने पर जोर दिया।”
महाराष्ट्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंख्या दर में गिरावट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि घटती प्रजनन दर समाज के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है।
प्रजनन दर का महत्व
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक जनसंख्या विज्ञान के अनुसार, जब किसी समाज की प्रजनन दर 2.1 से नीचे चली जाती है, तो वह समाज धीरे-धीरे समाप्त हो सकता है। यह प्रक्रिया संकटों के बिना भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या नीति में यह स्पष्ट किया गया है कि समाज की प्रजनन दर 2.1 से नीचे नहीं जानी चाहिए।
समाज के अस्तित्व का सवाल
भागवत ने उदाहरण देते हुए बताया कि कई भाषाएं और समाज, अपनी जनसंख्या में गिरावट के कारण, पृथ्वी से लुप्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी जनसंख्या को 2.1 के स्तर पर बनाए रखना चाहिए, और कुछ परिस्थितियों में यह संख्या दो या तीन गुना अधिक होनी चाहिए।
RSS की अपील
RSS प्रमुख ने देशवासियों से अपील की कि वे इस गंभीर मुद्दे को समझें और जनसंख्या संतुलन बनाए रखने के लिए कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक या सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की जीवंतता और अस्तित्व से जुड़ा हुआ विषय है।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल