“महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज में ई-रिक्शा चालकों को संस्कारवान बनाने की ट्रेनिंग शुरू। ‘संस्कार की पाठशाला’ में इन्हें महाकुंभ की कहानियां, स्वच्छता, डिजिटल भुगतान, और पर्यटकों के साथ संवाद की कला सिखाई जा रही है।”
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महाकुंभ 2025 के लिए एक अनोखी पहल कर रही है। इस पहल के तहत प्रयागराज के 1000 ई-रिक्शा चालकों को संस्कारवान बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। पर्यटन विभाग के नेतृत्व में शुरू हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य ई-रिक्शा चालकों को महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ बेहतर संवाद, स्वच्छता, और डिजिटल इंडिया अभियान से जोड़ना है।
संस्कार की पाठशाला
महाकुंभ आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की पहली मुलाकात अक्सर टैक्सी या ई-रिक्शा चालकों से होती है। ऐसे में इनके व्यवहार, बातचीत के तरीके और स्वच्छता को लेकर प्रशिक्षण की आवश्यकता महसूस की गई। मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान, लखनऊ की अगुवाई में इन चालकों को सॉफ्ट स्किल्स और महाकुंभ से जुड़ी जानकारी दी जा रही है।
महाकुंभ की गाथा सुनाएंगे ई-रिक्शा चालक
प्रशिक्षण में इन चालकों को महाकुंभ का महत्व, प्रयागराज के प्रमुख पर्यटक स्थलों की जानकारी, और इन स्थानों तक जाने वाले मार्गों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, उन्हें स्वच्छता और यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाया जा रहा है। इन चालकों का कहना है कि अब वे पर्यटकों को न केवल उनकी मंजिल तक पहुंचाएंगे, बल्कि उन्हें महाकुंभ से जुड़ी रोचक कहानियां भी बताएंगे।
स्वच्छता और डिजिटल अभियान का हिस्सा
यह प्रशिक्षण सिर्फ कुंभ की जानकारी तक सीमित नहीं है। इन चालकों को स्वच्छता अभियान और डिजिटल भुगतान के महत्व के बारे में भी सिखाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इन ई-रिक्शा पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा।
ई-रिक्शा चालकों के अनुभव
ट्रेनिंग में शामिल राजेश शर्मा ने कहा, “हमारा शहर महाकुंभ की वजह से दुनियाभर में मशहूर है। यह ट्रेनिंग हमारे लिए गर्व की बात है। अब हम यात्रियों का ‘वेलकम सर’ कहकर स्वागत करेंगे और अपने शहर की सकारात्मक छवि पेश करेंगे।”
मुख्य बिंदु:
- प्रयागराज के 1000 ई-रिक्शा चालकों को संस्कार की पाठशाला में प्रशिक्षण।
- पर्यटकों के साथ बेहतर संवाद और महाकुंभ की कहानियां साझा करने की ट्रेनिंग।
- स्वच्छता अभियान और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा।
- ई-रिक्शा चालकों को कलर कोडिंग और क्यूआर कोड से जोड़ा जाएगा।
- प्रशिक्षण से ई-रिक्शा चालक बने कुंभ के स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान के वाहक।
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रिपोर्ट: मनोज शुक्ल