आटो यूनियन के नेता संतोष पांडेय व उपेंद्र सिंह का कहना है कि राजधानी दिल्ली में जून 2009 से किराया नहीं बढ़ा है

 दिल्ली में 15 फरवरी तक ऑटो, टैक्सी, ग्रामीण सेवा आदि का किराया बढ़ सकता है।परिवहन विभाग के विशेष आयुक्त अनिल बंका के नेतृत्व में गठित कमेटी की अंतिम बैठक बुधवार को हुई। इसमें सभी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। अब कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार मुहर लगाएगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस पर पहले ही अपनी सहमति दे चुके हैं।

ऑटो का किराया

वर्तमान में ऑटो का किराया पहले दो किलोमीटर पर 25 रुपये लगता है। इसके बाद 8 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से लगता है। प्रस्तावित किराये में पहले एक किलोमीटर पर 25 रुपये, जबकि इसके बाद प्रति किलोमीटर दस रुपये की मांग की गई है। जाम आदि में फंसने पर एक रुपया प्रति मिनट, रात नौ बजे से सुबह 5 बजे तक के लिए किराये में 25 फीसद अतिरिक्त शुल्क लिए जाने का प्रस्ताव है। आटो यूनियन के नेता संतोष पांडेय व उपेंद्र सिंह का कहना है कि जून 2009 से किराया नहीं बढ़ा है, इसलिए जल्द ही किराया बढ़ाया जाना चाहिए।

टैक्सी के लिए नई दरें

टैक्सी का वर्तमान किराया पहले किलोमीटर पर 25 रुपये है। इसके बाद 14 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से लगता है। जाम में फंसने पर वेटिंग का 15 मिनट के बाद 15 रुपये शुल्क लगता है। रात्रि सेवा के लिए 25 फीसद अतिरिक्त शुल्क लगता है। ऑटो टैक्सी यूनियन के नेता राजेंद्र सोनी का कहना है कि प्रस्तावित किराये में पहले किलोमीटर के लिए 50 रुपये, इसके बाद 20 रुपये प्रति किमी., वेटिंग के लिए सौ रुपया प्रति घंटा की मांग की गई है। रात्रि सेवा के लिए 50 फीसद अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना चाहिए।

बस सेवा भी महंगी किए जाने का है प्रस्ताव

मिनी बस सेवा, मेट्रो फीडर बस सेवा, फटफट सेवा व ग्रामीण सेवा आदि के लिए अभी पांच रुपये, दस रुपये व 15 रुपये किराया निर्धारित है। एसटीए ऑपरेटर्स एकमा मंच के श्याम लाल गोला का कहना है कि किराया 10 रुपये, 20 रुपये और 30 रुपये होना चाहिए। 

Related Articles

Back to top button
E-Paper