केन्द्र सरकार और विपक्ष के बीच गहमागहमी

नई दिल्ली। लोकसभा में आज उस समय सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी देखी गई जब सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने गोवा में भाजपा की सरकार बनने का और वहां की राज्यपाल का उल्लेख किया।

सरकार ने इस पर आपत्ति प्रकट की तथा लोकसभा उपाध्यक्ष एम तंबिदुरै ने भी राज्यपाल के आचरण का उल्लेख नहीं करने की बात कही।

सदन में आज 2017-18 के लिए गृह मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान जब खडग़े ने गोवा में भाजपा की सरकार बनने और वहां की राज्यपाल के एक पत्र का जिक्र किया तो संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि यह चर्चा गृह मंत्रालय की अनुदान मांगों पर है और इसमें राज्यपाल के आचरण पर चर्चा नहीं हो सकती।

आसन पर बैठे उपाध्यक्ष तंबिदुरै ने भी कहा कि अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इस संबंध में एक कार्यस्थगन प्रस्ताव के नोटिस को खारिज करते हुए व्यवस्था दी थी कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का उल्लेख सदन में किसी विषय पर चर्चा में नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवैधानिक व्यक्ति के बारे में चर्चा करने के लिए अलग प्रक्रिया है।

खडग़े ने गोवा में कांग्रेस के अधिक विधायक होने के बावजूद भाजपा की गठबंधन सरकार बनने के घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में कहा कि हम राज्यपाल के आचरण पर प्रश्न नहीं कर रहे बल्कि यह पूछना चाहते हैं कि सरकार ‘‘इस तरह से अवैध तरीके से काम करने के लिए क्यों आतुर है।’’ खडग़े ने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा भी गृह विभाग की ही जिमेदारी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा डॉ भीमराव अंबेडकर की बात करते हैं जिन्होंने संविधान की रचना की थी लेकिन ‘‘आप लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।’’ खडग़े ने कहा, ‘‘गृह मंत्री से अनुरोध है कि सभी पर कानून के मुताबिक नियंत्रण रखें। देश की सरकार कानून के हिसाब से चलनी चाहिए।’’ इस दौरान गृहमंत्री राजनाथ सिंह सदन में उपस्थित थे।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने इस संबंध में व्यवस्था दी है और आज आपने (उपाध्यक्ष तंबिदुरै) ने भी व्यवस्था दी है लेकिन खडग़े बार बार अपनी बात दोहरा रहे हैं और गृह मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा नहीं कर रहे।

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