“संसद में अमित शाह के अंबेडकर पर बयान के बाद सियासत गर्म। अखिलेश यादव ने PDA का नया नारा देते हुए बाबा साहेब के संविधान निर्माता व्यक्तित्व पर जोर दिया।”
लखनऊ। संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नया राजनीतिक संदेश दिया है। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
“बाबा साहेब के मान पर चर्चा, अब घर-घर पहुंचे PDA का पर्चा।”
क्या है PDA?
अखिलेश यादव ने अपने बयान में PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समुदाय को विशेष रूप से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं जिन्होंने संविधान बनाकर शोषण और नकारात्मक प्रभुत्ववादी सोच को समाप्त करने का प्रयास किया।
राजनीतिक रणनीति में बदलाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश का यह बयान आगामी लोकसभा चुनाव 2024 को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। वह बाबा साहेब के विचारों को PDA वर्ग से जोड़कर एक नई राजनीतिक धारा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अमित शाह के बयान पर विवाद
इससे पहले अमित शाह ने संसद में डॉ. अंबेडकर को लेकर एक बयान दिया था, जिसे विपक्ष ने गलत तरीके से पेश किया गया बयान बताया। इस पर बहस जारी है। वहीं, अखिलेश यादव ने इसे अपने राजनीतिक एजेंडे से जोड़ते हुए PDA का प्रचार शुरू कर दिया।
PDA के जरिए वोटबैंक साधने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि अखिलेश का यह कदम समाजवादी पार्टी के पारंपरिक वोटबैंक को एकजुट करने और अन्य दलों से अलग पहचान बनाने की कोशिश है। उन्होंने बाबा साहेब की छवि को PDA वर्ग के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल