राजगढ़, मिर्जापुर। मधुमक्खियों का हमला सोमवार को मड़िहान थाना क्षेत्र के झड़ीनगर स्थित पौधशाला में उस वक्त कहर बनकर टूटा जब कानपुर से आई वन विभाग की 53 सदस्यीय प्रशिक्षण टीम वहां निरीक्षण कर रही थी। हमले में वन रेंजर समेत सभी लोग घायल हो गए, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया है।
कानपुर के वन रेंजर राजेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में प्रशिक्षु वन अधिकारियों की टीम पौधशाला का भ्रमण कर वापस लौट रही थी। तभी अचानक मधुमक्खियों का एक झुंड आ गया और उन्होंने पूरे दल पर हमला कर दिया। प्रशिक्षुओं और अधिकारियों में भगदड़ मच गई। मधुमक्खियों के डंक से सभी घायल हो गए।
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स्थानीय ग्रामीणों ने आग जलाकर और कंबल ओढ़ाकर टीम के सदस्यों को बचाने का प्रयास किया। तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद रेंजर राजेंद्र जायसवाल समेत चार लोगों को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
घायलों में सुजीत सिंह, सुनील कुमार, राम सिंह यादव, नवदीप, विवेक, आशीष मिश्रा, अभिषेक और अमित जैसे कई प्रशिक्षु शामिल हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. राधेश्याम वर्मा ने बताया कि शेष लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
वन क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने जानकारी दी कि प्रशिक्षु दल एक दिन पहले चंदन वन का भी दौरा कर चुका था। इस दौरान मधुमक्खियों की सक्रियता के कोई संकेत नहीं मिले थे। डीएफओ अरविंद राज मिश्रा ने मड़िहान अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनके बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में मधुमक्खियां अधिक आक्रामक हो जाती हैं और किसी भी हलचल या आवाज से उत्तेजित होकर हमला कर सकती हैं। इस घटना ने वन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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