लखनऊ। योग गुरु रामदेव का कहना है कि मैं योगी हूं, कर्मयोगी हूं। इससे पहले मैं लोगों के लिए कितना उपयोगी हूं, इस पर बात होनी चाहिये। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह एक लाख करोड़ रुपये की पतंजलि की भागीदारी करना चाहते हैं।
उनका कहना है कि संस्कारों के साथ लोगों को शिक्षा मिले और उस शिक्षा में मूल्यों के साथ टेक्नोलॉजी का भी समावेश हो।
बड़े नोटों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि दो हजार के नोट या तो न लाये जायें या फिर काम लाये जायें, क्योंकि इससे आंतकवाद और नक्सलवाद को बड़ी करेंसी के रूप में पैसा मिलता है।
उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक पार्टी चाहती है कि कालाधन और भ्रष्टाचार खत्म हो।
बाबा रामदेव शनिवार को लखनऊ में होटल विवांता बाई ताज में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। विदेश का काला धन कब आएगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जब हमारा देश खुद मजबूत होगा तो वो भी होगा। ताकतवर आदमी दुनिया का कानून भी चला सकता है।
बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि का 100 फीसदी फायदा चैरिटी में लगाया जायेगा। 500 से ज्यादा स्कूल बनेंगे। उनके यहां गाय पर भी अनुसन्धान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संन्यासी जनता के लिए काम करता है। सही प्रचार करना चहिये। दुष्प्रचार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे काम से किसी देश का क्या अहित हुआ है?
उन्होंने कहा कि बिना व्यवसायीकरण के स्कूल खोले जाएंगे। जो मैं कहता हूँ वही करता हूँ। मैं देश के लिए काम करता हूँ। उन्हों ने कहा कि पतंजलि देश के किसान के लिए काम कर रहा है। स्वामी रामदेव विज्ञान की बात करते हैं। मंदिर के नाम पर मैंने किसी को लड़ाया नहीं।
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