“बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों के बीच अमेरिकी NSA जेक सुलिवन और बांग्लादेश के अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस के बीच फोन पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताई।”
वाशिंगटन/ढाका: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर अमेरिका ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के बीच इस विषय पर अहम चर्चा हुई।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सुलिवन और यूनुस ने धर्म, जाति या संप्रदाय की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले
बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं। मंदिरों में तोड़फोड़, हिंदू परिवारों को धमकाने और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका पहले ही बांग्लादेश को धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दे चुका है। सुलिवन और यूनुस की बातचीत इसी दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।
बातचीत के प्रमुख बिंदु
- मानवाधिकारों की रक्षा पर जोर: दोनों नेताओं ने मानवाधिकारों की रक्षा को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई।
- धार्मिक स्वतंत्रता: अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
- राजनीतिक स्थिरता: बांग्लादेश में अंतरिम सरकार द्वारा चुनावों की तैयारी और शांति बहाल रखने के प्रयासों पर चर्चा हुई।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिकी प्रशासन ने बांग्लादेश में हो रहे इन हमलों की कड़ी निंदा की है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी बांग्लादेश सरकार से इन हमलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और मानवाधिकार संरक्षण के मुद्दे पर अमेरिका की सक्रियता बढ़ती जा रही है। यह बातचीत दोनों देशों के लिए एक सकारात्मक कदम हो सकता है।
विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल