पाकिस्तान की सिंध असेंबली में ‘बिहारी’ शब्द पर गरमागरम बहस हुई। सैयद एजाज उल हक ने बिहारी मुसलमानों के योगदान की बात की। जानिए, क्यों कराची में यह मुद्दा इतना अहम है।
खबर: पाकिस्तान की सिंध असेंबली में हाल ही में ‘बिहारी’ शब्द को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। असेंबली सदस्य सैयद एजाज उल हक ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “बिहारी वो लोग हैं जिन्होंने पाकिस्तान बनाया था। पाकिस्तान के वजूद में आने में बिहारियों का अहम योगदान है।”
दरअसल, सिंध प्रांत की राजधानी कराची में बिहारी मुसलमानों की बड़ी संख्या रहती है। स्थानीय समाज में ‘बिहारी’ शब्द का उपहास करने की प्रवृत्ति आम हो गई है। असेंबली में बिहारी मुसलमानों के खिलाफ इस रवैये पर सैयद एजाज उल हक भड़क गए और उन्होंने कहा कि इन लोगों का मजाक उड़ाना उनके ऐतिहासिक योगदान का अपमान है।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एजाज उल हक को बिहारी मुसलमानों के समर्थन में जोरदार भाषण देते हुए देखा जा सकता है। उनका कहना है कि कराची और अन्य हिस्सों में बिहारी मुसलमानों को उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए।
यह बहस दर्शाती है कि पाकिस्तान में क्षेत्रीय पहचान और जातीय तनाव कैसे सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बनते जा रहे हैं। इस मुद्दे ने कराची के बिहारी समुदाय की समस्याओं और उनकी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना दिया है।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल