लखनऊ, ट्रांसपोर्ट नगर: लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ कार्यालय में नियम-कानून को ताक पर रखकर कामकाज चलाने का मामला सामने आया है।
सरकारी कार्यालयों में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जहां सरकारी कर्मचारियों की होती है, वहीं यहां की कमान प्राइवेट लोगों के हाथों में नजर आ रही है।
आरटीओ कार्यालय में कंप्यूटर संचालन से लेकर फाइलों की जिम्मेदारी तक निजी व्यक्तियों के हाथ में है। हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में निजी लोगों को कंप्यूटर पर काम करते और कार्यालय में बाबुओं के पास बैठते देखा गया है।
बाबुओं की आईडी पर हो रहा काम
खबर के अनुसार, सरकारी बाबू सत्य प्रकाश मालवीय और पंकज सिंह के आसपास बैठे प्राइवेट कर्मचारी खुलेआम काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग बाबुओं की आईडी का इस्तेमाल करके महत्वपूर्ण काम निपटा रहे हैं।
दलालों का कब्जा
आरटीओ ऑफिस में दलालों का इतना प्रभाव है कि वे प्राइवेट लोगों के जरिए सरकारी कामकाज को प्रभावित कर रहे हैं। इससे न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निजी हस्तक्षेप पर सवाल
आरटीओ ऑफिस जैसे संवेदनशील विभाग में प्राइवेट लोगों की भागीदारी कई सवाल खड़े करती है। यह न केवल सरकारी कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करता है, बल्कि सुरक्षा और गोपनीयता पर भी खतरा बन सकता है।
क्या कहना है जिम्मेदार अधिकारियों का?
इस मामले पर संबंधित अधिकारियों ने अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया है। लेकिन यह स्पष्ट है कि आरटीओ कार्यालय में नियमों का उल्लंघन आम हो चुका है।
जनता की उम्मीदें
जनता को उम्मीद है कि इस मामले में उच्च अधिकारी हस्तक्षेप करेंगे और आरटीओ कार्यालय में हो रही इस अनियमितता पर रोक लगाएंगे। सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की बहाली ही जनता का भरोसा वापस ला सकती है।
(रिपोर्ट: ट्रांसपोर्ट नगर ब्यूरो)