नई दिल्ली। सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को गुजरात की एजूटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संचालक विनीत आर्य से करीब 8 घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि, पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक जवाब देने में विफल रहे।
ईडी के रडार पर एजूटेस्ट
सूत्रों के अनुसार, विनीत आर्य से पेपर लीक के कारणों और परीक्षा आयोजन में लापरवाही से जुड़े सवाल पूछे गए। विनीत ने एजूटेस्ट पर लगे लापरवाही के आरोपों को खारिज कर दिया और परीक्षा से जुड़े सुरक्षा प्रबंधों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड पर डाल दी।
पेपर लीक के बाद तेज हुई जांच
फरवरी में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया था। इस घटना के बाद ईडी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मंगलवार को अहमदाबाद के वेयरहाउस में सुरक्षा चूक और टेंडर में दी गई शर्तों को लेकर सवाल किए गए।
फिर होगी पूछताछ
ईडी अब भर्ती बोर्ड से टेंडर के दस्तावेज मंगाकर विनीत आर्य से दोबारा पूछताछ की तैयारी में है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में एजूटेस्ट संचालक को फिर से बुलाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, पेपर बॉक्स की सुरक्षा और टेंडर में तय नियमों को लेकर और सवाल किए जाएंगे।
STF की जांच पर उठे सवाल
गौरतलब है कि यूपी एसटीएफ ने पहले इस मामले की जांच की थी, लेकिन पर्याप्त सबूत होने के बावजूद उन्होंने एजूटेस्ट पर सीधे कार्रवाई नहीं की। अब ईडी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी के संचालन पर सवाल उठाए हैं।
क्या एजूटेस्ट की लापरवाही ने बढ़ाई मुश्किलें? यह जांच पूरी होने के बाद साफ होगा।