“किसान आंदोलन के चौथे दिन विजय रावत ने कहा कि किसानों के हक के लिए वे आमरण अनशन भी करेंगे। भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ इस संघर्ष में छात्रों और किसानों का मिलकर साथ दिया जा रहा है। राजाराम और रणविजय सिंह ने भी समर्थन जताया।”
देवरिया। मंगलवार को चौथे दिन भी किसानों का क्रमिक अनशन जारी रहा। इस आंदोलन के आयोजक विजय रावत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसानों को बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है और किसानों के हक के लिए यदि ज़रूरत पड़ी तो वे आमरण अनशन भी करेंगे। रावत ने यह भी कहा कि यह लड़ाई अब “करो या मरो” की है क्योंकि सैकड़ों किसान अपनी ज़मीन खो रहे हैं और यदि यही सिलसिला जारी रहा तो हजारों किसान बेघर हो सकते हैं।
रामजानकी मार्ग भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजाराम और महासचिव सुरेंद्र ने इस आंदोलन को भाजपा सरकार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संघर्ष बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की ज़मीन का अधिग्रहण बिना किसी पूर्व सूचना के और मनमाने तरीके से कर रही है। राजाराम ने इसे धोखाधड़ी करार देते हुए कहा कि यह लड़ाई अब बहुत बड़ी हो चुकी है और इसे “करो या मरो” की तर्ज पर लड़ा जाएगा।
इस आंदोलन में छात्रों का भी मजबूत समर्थन प्राप्त हो रहा है। छात्र नेता रणविजय सिंह ने कहा कि छात्र और युवा किसानों के आंदोलन में पूरी तरह से शामिल हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि ज़रूरत पड़ी तो किसान और छात्र मिलकर इस संघर्ष को और भी मजबूत करेंगे।
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इस दौरान सैकड़ों लोग जैसे विकास यादव, सत्येन्द्र यादव, सत्या, दिनेश विश्वकर्मा, धीरज पांडे, मुन्ना कुशवाहा, अंकित बरनवाल, अनुज बरनवाल, देव दास, गिरधारीलाल यादव और हांफी जी ने भी अपना समर्थन जताया। कार्यक्रम का संचालन कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अरविंद कुशवाहा ने किया।
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