“कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ने बिजली के निजीकरण पर यूपी सरकार को घेरते हुए इसे उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी साजिश करार दिया। साथ ही प्रियंका गांधी पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी को महिलाओं का अपमान बताया।”
लखनऊ : कांग्रेस नेता विधानमंडल दल की प्रमुख आराधना मिश्रा मोना ने विधानसभा शीत सत्र के दूसरे दिन बिजली के निजीकरण, अनुपूरक बजट और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रियंका गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
बिजली का निजीकरण:
आराधना मिश्रा ने बिजली के निजीकरण को प्रदेशवासियों के अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि इससे सरकारी नौकरियां खत्म होंगी और उपभोक्ताओं को महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि निजीकरण के बाद आरक्षण समाप्त करने की साजिश रची जा रही है।
आराधना ने उदाहरण देते हुए कहा, “मुंबई में टाटा और अडानी की बिजली दरें यूपी से दोगुनी हैं। निजीकरण के बाद यही हाल यूपी में भी होगा। इससे लाखों युवाओं का रोजगार छिन जाएगा।”
संपत्तियों की बिक्री पर आरोप:
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि विद्युत वितरण निगम की संपत्तियां कौड़ियों के भाव बेचने की तैयारी है। उन्होंने कहा, “निजीकरण की आड़ में खर्बों की संपत्तियों का मूल्यांकन बिना उचित प्रक्रिया के किया जा रहा है।”
अनुपूरक बजट को बताया दिखावा:
आराधना मिश्रा ने अनुपूरक बजट को कोरा दिखावा बताते हुए सरकार पर मुख्य बजट का 50% खर्च न कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यदि सरकार विकास के लिए गंभीर होती, तो मुख्य बजट के खर्चे को पटल पर रखती।”
प्रियंका गांधी पर टिप्पणी:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रियंका गांधी पर की गई निजी टिप्पणी पर आराधना ने कड़ा एतराज जताते हुए इसे महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा, “नेता सदन से महिलाओं के प्रति इस तरह की निजी टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती। यह बयान प्रदेश की महिलाओं का अपमान है।”
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह बिजली निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के साथ खड़ी रहेगी।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल