“कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने ‘एक देश, एक चुनाव’ विधेयक को संविधान और संघवाद विरोधी बताया। जानें, क्यों कर रही है कांग्रेस इस विधेयक का विरोध।
नई दिल्ली। लोकसभा में ‘एक देश, एक चुनाव’ विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे संविधान विरोधी बताया। उन्होंने कहा, “यह विधेयक हमारे देश की संघीय संरचना के खिलाफ है और संविधान की आत्मा को कमजोर करता है।”
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि यह विधेयक देश के संघीय ढांचे पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की ओर से इस विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की विविधता और राज्यों की स्वायत्तता को समाप्त करने की दिशा में एक कदम है।
लोकसभा में वोटिंग
लोकसभा में इस विधेयक को स्वीकार करने के लिए पहली बार नई संसद में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के माध्यम से वोटिंग हो रही है। हालांकि, विपक्षी दल इस विधेयक को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बता रहे हैं।
कांग्रेस का रुख
कांग्रेस पार्टी का मानना है कि ‘एक देश, एक चुनाव’ न केवल राज्यों के अधिकारों को खत्म करेगा, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक और बहुलतावादी ढांचे को भी कमजोर करेगा। प्रियंका गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस इस विधेयक के खिलाफ सभी स्तरों पर लड़ाई लड़ेगी।
सरकार का पक्ष
दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने इस विधेयक को पारदर्शिता और संसाधनों की बचत के लिए महत्वपूर्ण बताया है। सरकार का कहना है कि ‘एक देश, एक चुनाव’ से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और चुनावी खर्चों में कटौती होगी।
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विशेष संवाददाता: मनोज शुक्ल