“मथुरा सांसद हेमा मालिनी ने संसद में बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और इस्कॉन भक्तों पर हो रहे हमलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे विदेशी संबंधों से परे धार्मिक भावनाओं का मामला बताया। जानिए पूरी खबर।”
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र का बुधवार को 7वां दिन गहमागहमी भरा रहा। मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने लोकसभा में बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और इस्कॉन भक्तों पर हो रहे हमलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश में हमारे हिंदुओं और हिंदू मंदिरों, खास तौर पर इस्कॉन और उनके भक्तों के साथ जो हो रहा है, उसे देखकर मैं बेहद दुखी और परेशान हूं। यह केवल विदेशी संबंधों का मुद्दा नहीं है, बल्कि कृष्ण भक्तों की भावनाओं का मामला है।”
हेमा मालिनी ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने बांग्लादेश सरकार से भी इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की।
इसी दौरान राज्यसभा में विपक्षी दलों ने किसान मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा किया। विपक्षी सांसदों ने “किसान विरोधी सरकार नहीं चलेगी” के नारे लगाए और वेल में पहुंचकर प्रदर्शन किया।
राज्यसभा में सभापति की कड़ी नाराजगी
राज्यसभा में हंगामे के दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्षी सांसदों को फटकार लगाते हुए कहा, “ये नारेबाजी और घड़ियाली आंसू यहां नहीं चलेंगे। किसानों का मुद्दा स्वार्थ के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।”
संसद के बाहर प्रदर्शन
संसद के बाहर विपक्षी सांसदों ने अडाणी मामले और संभल हिंसा को लेकर भी प्रदर्शन किया। इन मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की गई।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल