लखनऊ। हम किसी पार्टी के हामी और समर्थक नहीं हैं। हम अपनी मिल्लत के वफादार हैं इसलिए जो मिल्लत के हित में बेहतर होगा वही फैसला लिया जायेगा।
यह बात मौलाना कल्बे जव्वाद ने शुक्रवार को मजलिसए ओलमाये हिन्द की ओर से आयोजित बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए सभी राजनीतिक दल एक जैसे हैं। लेकिन जो पार्टी मिल्लत के हित में काम का वादा करेगी समर्थन उसी का किया जाएगा।
मौलाना ने कहा कि मिल्लत को सोचना होगा कि आखिर क्या वजह है कि कोई भी राजनीतिक दल शियों को उनके अधिकार नहीं देता है। हमारी संख्या सिखों, जाटों और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों से कम नहीं है, लेकिन इसके बावजूद राजनीति में हमें सही जगह नहीं मिली है। जबकि जिनकी संख्या हमसे कम या समान है राजनीतिक दल उन्हें खुश करने के लिए मंत्रालयों में प्रतिनिधित्व देते हैं।
मौलाना ने कहा कि हमारे पिछड़ेपन का मूल कारण एकता का अभाव है। ऐसे में जरूरी है कि सबसे पहले हम एकजुट हों और मतदान जरूर करें।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि लोग चुनाव में वोट का महत्व ही नहीं समझते। कई बार तो लोग चुनाव के दिन को छुट्टी का दिन समझ लेते हैं और वोट डालने नहीं जाते। मौलाना ने कहा कि वोट जरूर डालें, यह हमारी ताकत और अधिकार है। यह भी ध्यान रखें कि वोट किसी दल, जाति या धर्म के आधार पर देने के बजाए काम और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने वाले दल को दें।
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