“राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने निर्लज्जता से संविधान बदला और पिछड़ी जातियों के कल्याण की अनदेखी की। उन्होंने EVM पर कांग्रेस के दोहरे रवैये और वोट बैंक की राजनीति की भी आलोचना की।”
नई दिल्ली। राज्यसभा में मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने निर्लज्जता के साथ संविधान बदला और इसे अपनी राजनीतिक जरूरतों के हिसाब से ढाला।” शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी पिछड़ी जातियों के कल्याण के लिए काम नहीं किया और हमेशा वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी।
EVM पर कांग्रेस का दोहरा रवैया:
शाह ने कहा, “कांग्रेस हमेशा EVM पर सवाल उठाती है। जब महाराष्ट्र में हारती है तो EVM को दोष देती है, लेकिन झारखंड में जीतने पर कुछ नहीं कहती। यह कांग्रेस का दोहरा रवैया है।” उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ कांग्रेस की रणनीति करार दिया।
संविधान में संशोधन पर कांग्रेस पर हमला:
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए संविधान में संशोधन करके इसे अपनी सुविधानुसार बदलने का काम किया। “1975 में इंदिरा गांधी के चुनाव को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद, उन्होंने संविधान में संशोधन कर अपने खिलाफ सभी केस खारिज करवा दिए। यह लोकतंत्र का अपमान था।”
पिछड़ी जातियों और महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी:
शाह ने कांग्रेस पर पिछड़ी जातियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने कभी पिछड़ी जातियों के कल्याण को अपनी प्राथमिकता नहीं बनाया। BJP ने उनके लिए नीतियां बनाईं और उनके हक में काम किया। हम तीन तलाक के खिलाफ कानून लेकर आए, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा इस पर राजनीति की।”
तीन तलाक पर BJP की पहल:
उन्होंने तीन तलाक के खिलाफ कानून को भारतीय महिलाओं के अधिकारों की जीत बताया। शाह ने कहा, “तीन तलाक जैसी प्रथा के खिलाफ कांग्रेस ने कभी कुछ नहीं किया। BJP ने इसे खत्म कर महिलाओं के अधिकारों और गरिमा की रक्षा की।”
लोकतंत्र और संविधान पर BJP की प्रतिबद्धता:
शाह ने कहा कि BJP ने हमेशा संविधान और लोकतंत्र का सम्मान किया है। “हमने 16 सालों में केवल 22 बार संविधान में बदलाव किए हैं, जो देशहित में जरूरी थे। लेकिन कांग्रेस ने 55 सालों में 77 बार संविधान संशोधन किया और इसे अपने लाभ के लिए इस्तेमाल किया।”
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल