दिल्ली के प्रशांत विहार में सीआरपीएफ स्कूल और बंसीवाला स्वीट्स के पास हुए धमाके ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। शुक्रवार को पुलिस ने घटनास्थल पर आवाजाही बंद कर दी और सभी दुकानें बंद रहीं।
जांच में सामने आया कि धमाके में बेंजोइल पेरोक्साइड (ब्लीचिंग पाउडर) और अन्य रसायनों का उपयोग हुआ है। हालांकि, यह पाउडर आतंकी वारदातों में पहले कभी इस्तेमाल नहीं हुआ है।
क्या है बेंजोइल पेरोक्साइड?
बेंजोइल पेरोक्साइड आमतौर पर त्वचा पर मुंहासों के इलाज के लिए उपयोग होता है। इसे जैल, क्लींजर और ट्रीटमेंट क्रीम में पाया जाता है। यह बैक्टीरिया और मृत कोशिकाओं को हटाने में प्रभावी होता है, लेकिन धमाकों में इसका उपयोग नया मामला है।
जांच में क्या पता चला?
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने घटनास्थल से नमूने इकट्ठा किए और क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। अभी तक कोई डिवाइस या आतंकी वारदात का सुराग नहीं मिला है। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोटकों में बाजार में आसानी से उपलब्ध रसायनों का उपयोग किया गया है।
आतंकी साजिश या शरारत?
पूर्व पुलिस उपायुक्त एल.एन. राव का मानना है कि 40 दिनों में दो धमाके किसी शरारत से अधिक गंभीर मामला हो सकते हैं। उन्होंने इसे एक संदेश देने की कोशिश करार दिया। धमाके से जुड़ी जांच स्पेशल सेल को नहीं सौंपी गई है, लेकिन पुलिस, क्राइम ब्रांच, एफएसएल और एनएसजी समेत कई एजेंसियां मामले की तह तक जाने में जुटी हैं।
घायल टेंपो चालक पर शक?
घटना में घायल टेंपो चालक चेतन कुशवाहा बीड़ी पीने का आदी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कूड़े में रखे विस्फोटक पर बीड़ी फेंकने से धमाका हुआ। हालांकि, चेतन ने घटना के समय बीड़ी पीने से इनकार किया है।
इलाके में तनाव, जांच जारी
धमाके के बाद पांच किलोमीटर के दायरे में मोबाइल डंप डेटा खंगाला गया। पुलिस ने अब तक 50 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें स्थानीय निवासी, सफाईकर्मी और सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। घटनास्थल पर कूड़े में विस्फोटक रखे होने की आशंका जताई जा रही है।
क्या कहती है पुलिस?
प्रशांत विहार थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर शरारत, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
धमाकों ने न केवल स्थानीय लोगों में भय पैदा किया है बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच कर रही हैं, लेकिन अभी तक धमाकों की मंशा और आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है।