“अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर। तालिबान ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक का करारा जवाब देते हुए 19 सैनिकों को मार गिराया। जानिए डूरंड रेखा विवाद और इस संघर्ष के प्रभाव।”
काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और गहरा कर दिया है। अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने पाकिस्तान की ओर से की गई एयरस्ट्राइक का जवाब देते हुए पाकिस्तानी सीमा पर स्थित सैन्य चौकियों पर बड़ा हमला किया। इस हमले में पाकिस्तान के 19 सैनिक मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए।

क्या है विवाद का कारण?
- डूरंड रेखा का विवाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड रेखा का मुद्दा लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है। तालिबान इसे मान्यता नहीं देता, जबकि पाकिस्तान इसे अपनी सीमा मानता है।
- पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक: पाकिस्तान ने हाल ही में तालिबान के खिलाफ सीमावर्ती इलाकों में हवाई हमले किए थे। इन हमलों में कई अफगानी नागरिक और तालिबान लड़ाके मारे गए थे।
- तालिबान की चेतावनी: एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी कि इसका जवाब दिया जाएगा।
कैसे हुआ हमला?
तालिबान ने सीमा पर स्थित पाकिस्तानी चौकियों पर भारी हथियारों से हमला किया। यह हमला रणनीतिक रूप से योजनाबद्ध था, जिसमें पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ। हमले के बाद पाकिस्तान ने भी अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है।

क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव:
- दक्षिण एशिया में तनाव: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच यह टकराव दक्षिण एशिया में अस्थिरता का कारण बन सकता है।
- भारत पर प्रभाव: भारत भी इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है, क्योंकि यह संघर्ष क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर असर डाल सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन इस मुद्दे को लेकर जल्द ही हस्तक्षेप कर सकते हैं।
क्या हो सकते हैं परिणाम?
- आतंकवाद का खतरा: इस हिंसा से आतंकवादी संगठनों को बढ़ावा मिल सकता है।
- आर्थिक प्रभाव: पाकिस्तान के लिए यह संघर्ष और अधिक आर्थिक समस्याएं पैदा कर सकता है।
- सीमा पर बढ़ता तनाव: आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच और अधिक हिंसक झड़पें देखने को मिल सकती हैं।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल