“संसद में संभल हिंसा पर अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। सपा प्रमुख ने इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए कहा कि सरकार संविधान का पालन नहीं करती।”
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद में संभल हिंसा को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया। जब अखिलेश इस मुद्दे पर बोल रहे थे, तो सत्ता पक्ष की टोका-टोकी से नाराज होकर उन्होंने कहा, ‘हम बनते तो बहुत कुछ हैं’। इसके बाद उन्होंने संभल हिंसा को सोची-समझी साजिश बताया।
‘संभल की सदियों पुरानी तहजीब को तोड़ने की कोशिश’
अखिलेश ने कहा, ‘संभल में हजारों साल से लोग साथ रहते आए हैं। लेकिन हालिया घटना ने गंगा-जमुनी तहजीब को तोड़ने का काम किया। उन्होंने इसे वेल-प्लान्ड साजिश करार देते हुए सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
‘संविधान का पालन नहीं कर रही सरकार’
अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान को दरकिनार कर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “संभल में जो कुछ हुआ, उसमें याचिका दायर करने वाले और पुलिस दोनों जिम्मेदार हैं। इन पर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।”
संभल हिंसा और उपचुनाव का कनेक्शन
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उपचुनाव से ध्यान भटकाने के लिए हिंसा भड़काई गई।
उन्होंने कहा, “पहले 13 नवंबर को चुनाव की तारीख थी, जिसे आगे बढ़ाकर 20 नवंबर किया गया। 19 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे की मांग कोर्ट में की गई और इसके बाद अचानक हिंसा भड़की।”
‘यह लखनऊ और दिल्ली की लड़ाई है’
अखिलेश ने इसे राज्य और केंद्र सरकार के बीच साजिश का हिस्सा बताया।उन्होंने कहा, “यह सिर्फ संभल की नहीं, बल्कि लखनऊ और दिल्ली की लड़ाई है। इसमें सत्ता पक्ष ने लोगों को संविधान और कानून से दूर करने की कोशिश की।”
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल