“उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल नरसंहार के 46 साल बाद भी दोषियों को सजा न मिलने पर सवाल उठाए। उन्होंने प्राचीन मंदिर की वास्तविकता और समान नागरिक संहिता पर भी तीखा प्रहार किया। जानें सीएम योगी के विचार।”
लखनऊ, 15 दिसंबर 2024
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल नरसंहार के 46 वर्षों बाद भी दोषियों को सजा न मिलने पर गंभीर सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री ने कहा, “संभल में इतने प्राचीन मंदिर, बजरंग बली की मूर्ति और ज्योतिर्लिंग कोई रातों-रात नहीं आए। इस मंदिर ने सच्चाई को सबके सामने रख दिया।”
उन्होंने देश की विरासत और इतिहास की सुरक्षा के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता पर बोलने वालों को धमकियां मिलती हैं।”
समान नागरिक संहिता पर विपक्ष को निशाने पर लिया
सीएम योगी ने समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब माननीय न्यायमूर्ति ने समान नागरिक संहिता की बात की, तो विपक्ष ने नोटिस देकर धमकाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “सच बोलने वालों को दबाने की कोशिश करने वाले लोग लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।”
परिवारवाद और उपराष्ट्रपति पर बयान
योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए विपक्ष के परिवारवाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कुछ लोग लोकतंत्र को अपनी बपौती समझते हैं। किसान के बेटे को उपराष्ट्रपति पद पर देखना उन्हें हजम नहीं हो रहा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में बहुसंख्यक समाज के विचारों का सम्मान होना चाहिए और उनकी भावना के अनुसार ही व्यवस्था संचालित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सच बोलने वालों को धमकी देने वालों को नंगा करना चाहिए।” उन्होंने विपक्ष पर लोकतंत्र का गला घोटने का आरोप लगाया और कहा कि सच्चाई पर आधारित विचार ही देश को सही दिशा में ले जा सकते हैं।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल