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इस वर्ष भी एकेटीयू सीटें भरने में रहा फिसड्डी, 90 फीसद सीटें खाली 

download (10)लखनऊ। आईआईटी, एनआईटी में पिछले दिनों कई सीटें खाली रह जाने की खबर आई थी लेकिन प्रदेश के टेक्निकल यूनिवर्सिटी एकेटीयू और उससे संबद्ध कॉलेजों की स्थिति जानकर आप चौक जाएंगे। इस बार चौथी काउंसलिंग तक 90 प्रतिशत से ज्यादा सीटें खाली पड़ी हैं। चार चरणों के बाद यहां के तकनीकी संस्थानों की 92 प्रतिशत तक सीट खाली पड़ी हैं। वहीं अन्य राज्यों में 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक सीट पर दाखिले हो चुके हैं। इस खराब स्थिति ने एकेटीयू के जिम्मेदारों के सामने सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर विशेषज्ञों की मानें तो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हर जगह गिरावट है लेकिन प्रदेश में गुणवत्ता पर ध्यान न दिए जाने के कारण ये स्थिति सामने आ रही है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के हिसाब से अभी तक 1.73 लाख इंजीनियरिंग मैनेजमेंट, फार्मेसी समेत अन्य कोर्सेज में दाखिले के लिए कुल 16 हजार ने सीट फ्रीज की है। चौंकाने वाली बात है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के पास पाठ्यक्रमवार दाखिले की स्थिति तक उपलब्ध नहीं है। एसईई समन्वयक कैलाश नारायण की मानें तो इसके लिए इंतजार करना होगा। प्रदेश में इंजीनियरिंग की करीब 1.36 लाख सीट हैं।

अन्य प्रदेशों की स्थिति –

महाराष्ट्र में इंजीनियरिंग की 1.40 लाख सीट हैं। चार चरणों की काउंसलिंग के बाद 71 हजार के आस-पास दाखिले हो गए हैं। डायरेक्टरेट ऑफ टेक्नीकल एजुकेशन अब सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग कराने जा रहा है। ओडिशा 93 प्राइवेट कॉलेजों की करीब 45 हजार में से 24.5 प्रतिशत सीट भर गई हैं। आगामी 31 जुलाई को कोर्ट के आदेश पर ओडिशा जेईई द्वारा कराया जा रहा है। गुजरात कुल 72.679 सीट में 12.500 मैनेजमेंट कोटे की सीट अलग कर दी गई। वहीं 60.080 सीट के लिए दो चरणों की काउंसलिंग के बाद 34.797 यानी करीब 58 प्रतिशत पर दाखिले हो गए हैं।

मोटी फीस के कारण हिचकिचा रहे छात्र –
एकेटीयू और उससे जुड़े कॉलेज छात्रों से फीस लेने के मामले में सबसे आगे हैं। प्रदेश में जहां 80 हजार से 1.25 लाख रुपए प्रति वर्ष में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात यहां तक दक्षिण के कॉलेजों की फीस भी 60 हजार से 80 हजार रुपए के बीच है। इंजीनियरिंग का स्तर देश भर में गिरा है। प्राइवेट कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एग्जाम कंट्रोलर जेपी पांडे की मानें तो अभी पांचवीं काउंसलिंग बाकी है जिसमें सीटें भरने की उम्मीद है। अगर इसमें सीटें नहीं भरीं तो निजी कॉलेज डायरेक्ट एडमिशन के जरिए सीट भर लेंगे।

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