“उच्चतम न्यायालय ने झारखंड के रांची में 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए राहुल कुमार की मौत की सजा पर रोक लगा दी। अदालत ने निचली अदालत और उच्च न्यायालय से मामले का रिकॉर्ड मांगा है।”
रांची। उच्चतम न्यायालय ने झारखंड की राजधानी रांची में 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए 30 वर्षीय राहुल कुमार की मौत की सजा पर मंगलवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने निचली अदालत और उच्च न्यायालय के रिकॉर्ड की अनुवादित प्रति मांगी है। पीठ ने कहा, “मृत्युदंड की तामील पर रोक रहेगी। रजिस्ट्री ऑनलाइन प्रति के अलावा निचली अदालत और उच्च न्यायालय से रिकॉर्ड की प्रति हासिल करें।”
झारखंड उच्च न्यायालय ने बिहार के नवादा जिले के रहने वाले राहुल कुमार उर्फ राहुल राज को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा की पुष्टि की थी। युवती की 15 दिसंबर 2016 को हत्या कर दी गई थी। उससे दुष्कर्म करने के बाद उसका गला घोंट दिया गया था और फिर शव को आग लगा दी गई थी। इस घटना के तीन साल बाद दिसंबर 2019 में निचली अदालत ने राहुल कुमार को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। अब उच्चतम न्यायालय ने इस सजा की तामील पर रोक लगा दी है और मामले के रिकॉर्ड की समीक्षा करने का आदेश दिया है।
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