“हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम ने इजराइल पर 2006 के मुकाबले बड़ी जीत का दावा किया। सीजफायर के बाद अपने पहले संबोधन में कासिम ने कहा कि हिजबुल्लाह ने इजराइल को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इजराइल-लेबनान के बीच 60 दिन के सीजफायर की डील और दोनों देशों के बीच स्थिति पर ताजा अपडेट।”
इजराइल और लेबनान के बीच 60 दिन के सीजफायर के बाद हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम ने दावा किया कि हिजबुल्लाह ने इजराइल पर निर्णायक जीत हासिल की है, जो 2006 के युद्ध से भी बड़ी है। इस युद्ध में 34 दिनों तक दोनों देशों के बीच हिंसक संघर्ष चला था, जिसमें 1200 लेबनानी नागरिकों की जान गई थी। कासिम ने कहा कि हिजबुल्लाह ने इजराइल को मजबूर किया है कि वह समझौते को मानें, और अब दुश्मन घुटनों पर हैं।
कासिम का बयान:
नईम कासिम ने सीजफायर के बाद अपने पहले संबोधन में कहा, “जो लोग यह सोचते थे कि हिजबुल्लाह कमजोर हो जाएगा, उनका सपना टूट चुका है। हमने इजराइल को डिफेन्सिव मोड में ला दिया और उसे समझौता करने के लिए मजबूर कर दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि 9 सितंबर को हुए इजराइल के हमले के बाद, हिजबुल्लाह ने इजराइल को अपने घरेलू मोर्चे पर हमलों से घेर लिया, जिसके परिणामस्वरूप इजराइल को सीजफायर पर सहमति जतानी पड़ी।
सीजफायर के मुख्य बिंदु:
सीजफायर समझौता 27 नवंबर 2024 को हुआ, जिसमें अमेरिका और फ्रांस ने मध्यस्थता की थी। इसके अनुसार, इजराइल को दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना को हटाना था और हिजबुल्लाह को लितानी नदी के उत्तर में भेजा जाना था। इस समझौते के बाद, हिजबुल्लाह और लेबनान की सेना मिलकर सीजफायर को कायम रखने की कोशिश करेंगे।
इजराइल का बयान:
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीजफायर के तीन मुख्य कारण बताए:
- ईरान पर ध्यान केंद्रित करना
- थके हुए रिजर्व सैनिकों को आराम देना
- हमास को अलग-थलग करना, ताकि वे हिजबुल्लाह के समर्थन पर निर्भर न रहें
नेतन्याहू ने यह भी चेतावनी दी कि यदि हिजबुल्लाह सीजफायर का उल्लंघन करता है, तो इजराइल इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और सीमा पर फिर से हमला कर सकता है।
सीजफायर के बाद स्थिति:
सीजफायर के बाद, लेबनान के लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं, हालांकि इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के 60 गांवों में लोगों को लौटने की चेतावनी दी है। इजराइल का कहना है कि जो लोग वापसी कर रहे हैं, वे अपने लिए खतरा मोल ले रहे हैं, क्योंकि सीमा पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है।
इजराइल की रणनीति:
इजराइल ने सीजफायर से पहले ही हिजबुल्लाह के प्रमुख नेताओं को खत्म कर दिया था, जिनमें हसन नसरल्लाह और उसके उत्तराधिकारी हाशिम सैफिद्दीन शामिल थे। इजराइल ने 27 सितंबर को बेरूत में 80 टन बम से हमला किया, जिसमें हसन नसरल्लाह की मौत हो गई। इसके बाद, 8 अक्टूबर को हाशिम सैफिद्दीन भी इजराइल के हमले में मारा गया।
संक्षिप्त ब्योरा:
- सीजफायर का कारण: दोनों देशों के बीच युद्ध के तनाव को कम करना
- लेबनान की स्थिति: हजारों लोग अपने घर लौट रहे हैं, लेकिन इजराइल की चेतावनी जारी है
- इजराइल की सैन्य कार्रवाई: हिजबुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व का सफाया
नोट: इस सीजफायर के बाद, दोनों देशों के बीच स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन संभावित उल्लंघन को लेकर दोनों पक्षों के बीच भारी तनाव है।
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विशेष संवाददाता -मनोज शुक्ल