रामपुर। बसपा नेता सुरेंद्र सागर को समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
सुरेंद्र सागर, जो बसपा सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री रह चुके हैं, अब इस अप्रत्याशित फैसले के चलते राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गए हैं।
विवाद की जड़: शादी या तस्वीर?
सुरेंद्र सागर ने हाल ही में अपने बेटे की शादी सपा नेता की बेटी से की थी। इस विवाह समारोह की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिनमें वह सपा नेताओं के साथ नजर आ रहे थे। तस्वीरें सामने आने के बाद मायावती ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त कार्रवाई की।
मायावती का रुख
बसपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी के अनुशासन और विचारधारा के खिलाफ काम करने वाले नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है। सुरेंद्र सागर का सपा नेताओं के साथ जुड़ाव पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला था।
सुरेंद्र सागर का बयान
सुरेंद्र सागर ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा, “यह एक पारिवारिक आयोजन था, न कि राजनीतिक मंच। मैंने बसपा की नीतियों के खिलाफ कोई काम नहीं किया। यह मायावती जी का गलत निर्णय है।”
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जहां कुछ इसे पार्टी अनुशासन बनाए रखने का सही कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे बसपा के अंदरूनी संकट के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
आगे की राह
सुरेंद्र सागर की राजनीति पर यह फैसला कितना असर डालेगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल यह मामला बसपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।