मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर विजय पाल सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गुरुवार को मेरठ जिले में हुई, जब दरोगा पर एक व्यक्ति को धमकाकर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था।
मामला एक मारपीट के केस से जुड़ा है, जिसमें सोनू नामक युवक को अदालत से पहले ही जमानत मिल चुकी थी। बावजूद इसके, सब-इंस्पेक्टर विजय पाल सिंह ने उसे जेल भेजने की धमकी देते हुए पैसे की मांग की। पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया, जिसके बाद टीम ने प्लान बनाकर दरोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
एंटी करप्शन टीम ने विजय पाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह घटना पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आरोपों की गंभीरता से जांच होगी
मामले की जांच जारी है और आरोपी दरोगा को निलंबित करने के साथ ही कड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। पीड़ित पक्ष ने एंटी करप्शन टीम का धन्यवाद किया और भरोसा जताया कि न्याय मिलेगा।
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की मांग
इस घटना ने आम जनता में पुलिस विभाग में सुधार और पारदर्शिता की मांग को एक बार फिर जोरदार तरीके से उठाया है।