अवैध कब्जे और बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी के दौरान हुआ चौंकाने वाला खुलासा
संभल के नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला खग्गू सराय में 46 साल से बंद भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का खुलासा हुआ है। यह घटना तब सामने आई जब डीएम मनीष बंसल और एसपी चक्रेश मिश्रा के नेतृत्व में इलाके में अवैध अतिक्रमण और बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान मंदिर का अस्तित्व सामने आया, जिसे दशकों से बंद रखा गया था।
मंदिर के पास कुआं पाटकर बनाया गया था स्लैब
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि मंदिर के पास स्थित एक प्राचीन कुएं को पाटकर उस पर स्लैब बना दिया गया था। यह पूरा इलाका लंबे समय से कब्जे में था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हिंदू समुदाय के पलायन के बाद इस इलाके में मुस्लिम समुदाय का कब्जा हो गया था। इसके बाद मंदिर को बंद कर दिया गया था।
प्रशासन की सख्ती से हटाया जा रहा अतिक्रमण
डीएम और एसपी की कार्रवाई के बाद अब इस मंदिर और आसपास के क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने का काम शुरू हो चुका है। प्रशासन ने कहा है कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय
यह खुलासा इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद इलाके में धार्मिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, हिंदू संगठनों ने मंदिर को पुनः खोलने और पूजा-अर्चना शुरू करने की मांग की है।
इतिहास को फिर से जीवित करने की उम्मीद
46 साल बाद खुले इस मंदिर को लेकर स्थानीय प्रशासन ने कहा कि यह धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है, जिसे संरक्षित किया जाएगा। इस घटना से न केवल अतिक्रमण हटाने की मुहिम को बल मिला है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने की उम्मीद भी जगी है।
मामले की जांच जारी
अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में इस तरह के अवैध कब्जे और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं दोबारा न हों।