“उत्तर प्रदेश में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में ग्राम चौपालों का आयोजन, अब तक 4.35 लाख से अधिक समस्याओं का समाधान और 1.10 लाख चौपालों का सफलतापूर्वक संचालन।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए ग्राम चौपालों का आयोजन कर रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण जनता की समस्याओं को उनके गांव में ही सुलझाना और विकास परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करना है।
हर शुक्रवार होती है ग्राम चौपाल
हर शुक्रवार प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल आयोजित की जाती है। शुक्रवार, 29 नवंबर को 1403 ग्राम पंचायतों में चौपालें आयोजित की गईं, जिनमें 3779 प्रकरणों का निस्तारण गांव में ही कर दिया गया। इन चौपालों में 3384 ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और 6214 ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे।
अब तक के आंकड़े
- जनवरी 2023 से अब तक 1.10 लाख चौपालें आयोजित की गईं।
- इन चौपालों में 77 लाख से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया।
- 4.35 लाख समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निस्तारण किया गया।
गांवों में सफाई और जागरूकता
ग्राम चौपालों से पहले गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं। चौपालों के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं का समाधान इन चौपालों में प्राथमिकता से किया जाता है।
सरकार की सक्रिय भागीदारी
ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी के अनुसार, चौपालें न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कर रही हैं, बल्कि विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करने का माध्यम भी बन रही हैं।
उपमुख्यमंत्री का निर्देश
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चौपालों का आयोजन प्रभावी और नियमित रूप से किया जाए ताकि जनता को उनकी समस्याओं का समाधान गांव में ही मिल सके।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल