“16 दिसंबर 2024 को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल लोकसभा में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक पेश करेंगे। यह विधेयक लोकसभा और विधानसभाओं के एकसाथ चुनाव कराने की प्रक्रिया को सशक्त करेगा।”
नई दिल्ली । केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल आगामी सोमवार, 16 दिसंबर 2024 को लोकसभा में ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024’ पेश करेंगे। यह विधेयक केंद्र और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एकसाथ कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस विधेयक के जरिए देश में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, और पुदुचेरी की विधानसभाओं के चुनावों को समन्वित किया जाएगा। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ नीति को लागू करने के लिए यह विधेयक देश के चुनावी ढांचे में व्यापक बदलाव ला सकता है।
क्या है ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का उद्देश्य?
इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य देश में चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। फिलहाल, विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का लक्ष्य एक ही समय पर चुनाव कराकर सरकार के कामकाज को सुचारू और प्रभावी बनाना है।
इसके क्या फायदे हो सकते हैं?
- चुनावी खर्च में कमी: हर चुनाव में भारी धनराशि खर्च होती है। अगर चुनाव एकसाथ होते हैं, तो यह खर्च कम हो सकता है।
- प्रशासनिक दक्षता: बार-बार आचार संहिता लागू होने से सरकारी योजनाओं में रुकावट आती है। एक बार चुनाव होने से ऐसी समस्याएं हल होंगी।
- स्थिरता और निरंतरता: सरकारें अपने कार्यकाल के दौरान बेहतर योजनाएं बना सकती हैं, क्योंकि उन्हें बार-बार चुनावों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
आलोचनाएं और चुनौतियां
विधेयक के आलोचकों का मानना है कि यह राज्यों की स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है। संविधान में संशोधन के लिए व्यापक समर्थन और सहमति की आवश्यकता है, जो राजनीतिक दृष्टिकोण से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा, तकनीकी और लॉजिस्टिक समस्याएं भी सामने आ सकती हैं, जैसे कि ईवीएम की उपलब्धता और चुनावी कर्मियों की तैनाती।
आगे की राह
अगर यह विधेयक पास होता है, तो यह भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक कदम होगा। हालांकि, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय और सहयोग आवश्यक है।
देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए जुड़े रहें विश्ववार्ता के साथ। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।
विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल