“उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ गया है। जिला कोर्ट ने मस्जिद का सर्वे कराने का आदेश दिया है, जहां हिंदू पक्ष ने इसे श्री हरि हर मंदिर की जगह होने का दावा किया है।”
संभल। उत्तर प्रदेश में मंदिर और मस्जिद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। संभल जिला कोर्ट ने शाही जामा मस्जिद का सर्वे कराने का आदेश दिया है। यह आदेश तब आया जब हिंदू पक्ष ने याचिका दायर कर यह दावा किया कि शाही जामा मस्जिद की जगह पर पहले श्री हरि हर मंदिर था। याचिका में यह भी कहा गया कि मस्जिद का निर्माण इस स्थान पर किसी धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि मंदिर के स्थान पर हुआ था।
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कोर्ट में यह याचिका दायर की और कहा कि शाही जामा मस्जिद का सर्वे कराना जरूरी है ताकि यह साबित किया जा सके कि यह स्थल पहले मंदिर था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मशीदी का निर्माण विवादित स्थल पर किया गया है, जो पहले श्री हरि हर मंदिर के रूप में स्थापित था।
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इस विवाद का राजनीतिक और धार्मिक संदर्भ से गहरा संबंध है, और इससे स्थानीय समुदायों के बीच तनाव भी बढ़ सकता है। इस मामले में कोर्ट ने सर्वे के आदेश दिए हैं, जिससे यह देखा जाएगा कि क्या यह दावा सही है और शाही जामा मस्जिद का इतिहास क्या है।
सर्वे के दौरान विशेषज्ञों द्वारा की जाने वाली जांच से संबंधित तथ्यों को सामने लाया जाएगा, जो इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इससे पहले भी इस तरह के विवादों ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों के इतिहास को लेकर कई जटिलताओं को जन्म दिया है।
इस मामले के परिणाम के साथ ही, उत्तर प्रदेश में मंदिर और मस्जिद से जुड़ी राजनीति और विवादों का सिलसिला और तेज हो सकता है।
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विशेष संवाददाता
मनोज शुक्ल