गोपेश्वर । हिमालय की आराध्या नंदा के सिद्धपीठ कुरूड में विधि विधान के साथ नंदाजात पर्यटन मेला शुरू हो गया। तीन दिन बाद नंदा की डोलियां हिमालय की यात्रा जात के लिए निकलेगी।कुरूड के में नंदादेवी के मंदिर में बुधवार को श्रद्धा और उल्लास का दिन रहा। सुबह 8 बजे पूजा विधान के बाद नंदा की दो डोलिया गर्भगृह से बाहर आयी और नंदा ने भक्तों को दर्शन दिए। थराली के विधायक ने देवियों की पूजा अर्चना के बाद मेले का उद्घाटन किया और सबके समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। जिसकी थीम नंदा ही रही।नंदा की दो डोलिया कुरूड सिद्ध पीठ से मंदिर प्रागंण में पहुंची। दशोली और बधाण की नंदा की डोलियां अलग-अगल स्थानों से होते हुए हिमालय पहुंचेगी। बधाण ककी डोली चरबंग होते हुए 8 सितंबर को बेदनी बुग्याल पहुंचेगी और वापसी में छह माह के प्रवास अपने ननिहाल देवराड में प्रवास करेंगी। जबकि दशोली की नंदा की डोली रामणी होते हुए ८ सितंबर नंदा सप्तमी को बालपाटा पहुचेगी। नंदा सप्तमी को दोनों पर उत्सव होगा और दशोली की डोली वापस कुरूड पहुंचेगी।
