अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इस बात का विश्लेषण कर रहा है कि ईरान और पांच महाशक्तियों के बीच हुए परमाणु समझौते को जारी रखा जाए या नहीं। पेंस से एबीसी न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में पूछा गया कि क्या ट्रंप प्रशासन 2015 के इस करार को जारी रखेगा। जवाब में उन्होंने कहा, “हम इस पर विचार कर रहे हैं।”
डोनाल्ड ट्रंप आने वाले दिनों में लेंगे ये फैसला
पेंस ने कहा, “मुझे लगता है कि राष्ट्रपति आने वाले दिनों में इस पर फैसला लेंगे। वह अपने सभी सलाहकारों से सलाह लेंगे, लेकिन इस मुद्दे पर कोई गलती नहीं करेंगे। राष्ट्रपति का मानना है कि ईरान को अपनी शत्रुतापूर्ण और युद्धकारी गतिविधियों को करने से पहले दो बार सोचना पड़ेगा।”
एफे न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पिछले सप्ताह ईरान द्वारा मध्यम दूरी की मिसाइल के परीक्षण की प्रतिक्रियास्वरूप शुक्रवार को ईरान बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े 25 व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
ट्रंप ने शुक्रवार को ट्विटर पर पोस्ट किया, “ईरान आग से खेल रहा है। राष्ट्रपति (बराक) ओबामा उनके ऊपर बेहद मेहरबान थे। लेकिन मैं नहीं हूं!”
ईरान के साथ ओबामा प्रशासन के परमाणु समझौते की आलोचना के बावजूद ट्रंप ने इस बहुपक्षीय संधि से अभी तक अमेरिका को अलग नहीं किया है। जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन भी इस समझौते से जुड़े हैं।
ईरान पर पिछले शुक्रवार नए प्रतिबंध लगाते हुए ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ईरान के ‘उत्तेजनापूर्ण व्यवहार’ के जवाब में यह अभी पहला ही कदम है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन ने भी कहा कि इस्लामिक गणतंत्र के मामले में अमेरिका की ‘सहनशीलता’ खत्म हो चुकी है।
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