उत्तरराखंड :छह घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस को बताया  सच, अवैध रूप से रह रहा चीनी नागरिक गिरफ्तार,

पुलिस ने भारत में यहां अवैध रूप से रह रहे चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया है। उत्तराखंड पुलिस को यह नागरिक सेलाकुई स्थित एक फैक्ट्री में काम करते हुए मिला। आरोप है कि वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि चीनी नागरिक के संबंध में जानकारी विदेश मंत्रालय को भी भेजी जा रही है। शुक्रवार को उसे देश से डिपोर्ट (बाहर) किया जाएगा। साथ ही भविष्य में आगमन की संभावना को देखते हुए उसे ब्लैक लिस्ट किए जाने की सिफारिश की जा रही है।   उत्तरराखंड :छह घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस को बताया  सच, अवैध रूप से रह रहा चीनी नागरिक गिरफ्तार,
जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को एलआईयू को सेलाकुई की एक फैक्ट्री में चीनी नागरिक के काम करने की सूचना मिली थी। इस पर एलआईयू ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर प्लास्टिक के स्टीकर बनाने वाली कंपनी में छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम लियाओ युआन (46) बताया। बताया गया है कि वह 25 सितंबर को 60 दिन के टूरिस्ट वीजा पर आया था। इसके बाद वह शाम को सेलाकुई स्थित एक होटल में ठहरा और बुधवार को इस कंपनी में काम करने आ गया। 

इस कंपनी में उसका बृहस्पतिवार को दूसरा दिन था। पुलिस ने इंडस्ट्री में कामकाज करने के लिए उससे वर्किंग वीजा मांगा तो वह नहीं दिखा पाया। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ कर उसका पासपोर्ट कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसे लीव इंडिया (भारत छोड़ने) का नोटिस थमा दिया है। इसके अलावा उसके पासपोर्ट पर भी इस नोटिस लगाकर विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

छह घंटे हुई युआन से पूछताछ 

जिसमें भविष्य में भारत आगमन के लिए उसे ब्लैक लिस्ट किया जा सके। बता दें कि सेलाकुई में अब तक का इस तरह का यह आठवां मामला पकड़ा गया है। जिसमें विदेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर आए और यह उद्योगों में काम करते पकड़े गए। इस साल यह ऐसा दूसरा मामला है।  

छह घंटे हुई युआन से पूछताछ 
पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का संदेह होने पर भी चीनी नागरिक से पूछताछ की। बता दें कि चीन के साथ हमारे देश के कड़वे अनुभव जुड़े हैं। बार बार उत्तराखंड से लगी सीमा में भी चीनी सैनिकों के दखल की खबरें आती रहती हैं। लिहाजा उससे इस बात को लेकर भी पुलिस ने गहन पूछताछ की है कि कहीं वह किसी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल तो नहीं है। हालांकि पुलिस ने उसके इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से इंकार किया है। 

कंपनी पर भी कसेगा शिकंजा 
कंपनी ने ही इस चीनी नागरिक को तकनीकी सहायता के लिए बुलाया था। इस मसले को लेकर भी पुलिस फैक्ट्री पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। उसके खिलाफ श्रम मंत्रालय, गृह मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय को भेजी जाएगी। बता दें कि इस तरह के पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। 

 

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